नई दिल्ली, 14 फरवरी 2026: भारत का आधार कार्ड जल्द ही एक बड़ा बदलाव देखने वाला है। यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) व्यक्तिगत जानकारी को कार्ड से हटाने की तैयारी कर रहा है, जिसमें केवल धारक का फोटो और एन्क्रिप्टेड क्यूआर कोड ही नजर आएगा। यह कदम आधार की फोटोकॉपी के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया जा रहा है, जिसमें अभी नाम, पता, जन्मतिथि और 12 अंकों का नंबर साफ दिखता है।
UIDAI सीईओ की पहली घोषणा
नवंबर 2025 में एक ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस के दौरान UIDAI के सीईओ भुवनेश कुमार ने इस योजना का पहला जिक्र किया। उन्होंने कहा, “कार्ड पर विस्तृत जानकारी छापने की जरूरत पर सवाल उठ रहे हैं। इसमें सिर्फ फोटो और क्यूआर कोड ही होना चाहिए।” अगर पुरानी तरह डिटेल छापते रहे, तो जागरूक लोग इसका फायदा उठाते रहेंगे। यह बदलाव आधार एक्ट के तहत फोटोकॉपी से ऑफलाइन वेरिफिकेशन पर रोक लगाने के अनुरूप है।
क्यूआर कोड से नई सुरक्षा
नई व्यवस्था में सर्विस प्रोवाइडर्स क्यूआर कोड स्कैन करके एन्क्रिप्टेड डेटा से पहचान सत्यापित करेंगे, जिससे फोटोकॉपी की जरूरत खत्म हो जाएगी। 28 जनवरी 2026 को लॉन्च हुए नए आधार ऐप में यह सुविधा पहले से उपलब्ध है, जो बिना लॉगिन के सिर्फ फोटो और क्यूआर कोड दिखाता है। यूजर्स कस्टमाइज्ड क्यूआर कोड से जरूरी फील्ड ही शेयर कर सकेंगे, जो डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट के डेटा मिनिमाइजेशन सिद्धांत पर आधारित है।
कार्यान्वयन समयसीमा और चुनौतियां
फिजिकल कार्ड के नए डिजाइन की आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं हुई, लेकिन देर 2025 से तैयारी चल रही है। दिसंबर 2025 तक रोलआउट का लक्ष्य था। ग्रामीण इलाकों में स्मार्टफोन की कमी और बुजुर्गों के डिजिटल अनभ्यस्त होने से चिंताएं हैं। कुमार ने कहा, “आधार खुद दस्तावेज नहीं बनना चाहिए, बल्कि क्यूआर या नंबर से सत्यापित हो। वरना नकली दस्तावेज बन सकता है।” यह बदलाव बैंक खाते, सिमकार्ड और सरकारी योजनाओं में धोखाधड़ी रोकेगा।